भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने के लिए Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह समझौता 1 जून 2026 से प्रभावी होने की संभावना है।
इस समझौते पर दिसंबर 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे दोनों देशों ने औपचारिक रूप से अपनी आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। इसके बाद ओमान ने इस समझौते को अपनी रॉयल डिक्री के माध्यम से फरवरी 2026 में अनुमोदित (ratify) कर दिया, जिससे इसके लागू होने का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया।
CEPA का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना, निवेश को प्रोत्साहित करना और सेवाओं एवं वस्तुओं के आदान-प्रदान को सरल बनाना है। इस समझौते के लागू होने से भारत और ओमान के बीच आर्थिक संबंध और अधिक सशक्त होंगे तथा व्यापारिक अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
भारत के लिए यह समझौता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खाड़ी देशों के साथ उसके आर्थिक संबंधों को और मजबूत करता है। इससे न केवल निर्यात के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक आर्थिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्षतः, भारत–ओमान CEPA समझौता दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आने वाले समय में व्यापारिक विकास और सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।