विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए खास तौर पर तैयार की गई पहली मलेरिया दवा को प्रीक्वालिफिकेशन मंजूरी दे दी है। इस दवा का नाम आर्टेमेथर-ल्यूमेफैन्ट्रिन (Artemether-Lumefantrine) है। इसे बच्चों की कम उम्र और नाजुक स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
यह मंजूरी मलेरिया से होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। खासकर अफ्रीका के देशों में, जहां मलेरिया आज भी गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बना हुआ है और सबसे ज्यादा असर नवजात व छोटे बच्चों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई दवा के आने से लाखों बच्चों को समय पर सही इलाज मिल सकेगा और मलेरिया से होने वाली मौतों में कमी आएगी। WHO की यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है।