Pakistan ने 10 मई को हर वर्ष मनाए जाने वाले एक नए वार्षिक दिवस ‘मार्का-ए-हक़ दिवस’ (Marka-e-Haq Day) की घोषणा की है। इस घोषणा की जानकारी Islamabad में आयोजित एक समारोह के दौरान दी गई।
यह दिवस वर्ष 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष तथा ‘मार्का-ए-हक़’ और ‘ऑपरेशन बुनयान-उन-मरसोस’ की पहली वर्षगांठ से जुड़ा हुआ है। पाकिस्तान के अनुसार, यह दिन हर साल 10 मई को मनाया जाएगा, लेकिन इसे सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) घोषित नहीं किया गया है।
‘मार्का-ए-हक़’ एक उर्दू शब्द है, जिसका अर्थ होता है — “सच्चाई की लड़ाई”। पाकिस्तान ने अप्रैल 22 से 10 मई 2025 के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच चले तनाव और संघर्ष के लिए इस शब्द का उपयोग किया है।
पाकिस्तान सरकार के अनुसार, यह वार्षिक दिवस उन घटनाओं और सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन बुनयान-उन-मरसोस’ की याद में मनाया जाएगा, जो 2025 के संघर्ष से जुड़े रहे। इस घोषणा को पाकिस्तान द्वारा उस संघर्ष की आधिकारिक स्मृति के रूप में देखा जा रहा है।