भारत के Chief Justice Surya Kant ने Sikkim को देश का पहला paperless judiciary राज्य घोषित किया है। यह न्याय व्यवस्था के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
Paperless judiciary का मतलब है कि अब अदालतों में सभी कानूनी प्रक्रियाएं कागज़ की बजाय पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होंगी। इसमें e-filing, online hearings, digital documents और case tracking जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और आसान बनती है।
यह पहल e-Courts Mission Mode Project के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य देशभर की अदालतों को आधुनिक और तकनीक-संचालित बनाना है।
Sikkim की यह उपलब्धि भविष्य में अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बनेगी और भारत की न्याय प्रणाली को और अधिक efficient और accessible बनाने में मदद करेगी।