दक्षिण कोरिया ने अपना पहला Humanoid Robot Monk (मानव जैसा रोबोट भिक्षु) ‘गाबी’ पेश किया है। इसे 6 मई 2026 को सियोल के जोग्येसा मंदिर (Jogyesa Temple) में एक बौद्ध समारोह के दौरान लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन बुद्ध पूर्णिमा (Buddha’s Birthday) से पहले किया गया, जिसे 24 मई 2026 को मनाया जाएगा।
‘गाबी’ एक ऐसा रोबोट है जिसे इंसानों की तरह बनाया गया है। इसकी लंबाई लगभग 130 सेंटीमीटर है और समारोह के दौरान इसे पारंपरिक बौद्ध वस्त्र (Buddhist Robes) पहनाए गए थे।
समारोह में गाबी ने वरिष्ठ भिक्षुओं को झुककर प्रणाम किया और बौद्ध धर्म के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई। इसके बाद उसे “गाबी” नाम दिया गया। यह नाम भगवान बुद्ध के बचपन के नाम सिद्धार्थ और कोरियाई शब्द जाबी (जिसका अर्थ दया होता है) को मिलाकर बनाया गया है।
रोबोट गाबी के लिए बौद्ध धर्म के कुछ विशेष नियम भी बनाए गए। इनमें जीवन का सम्मान करना, दूसरे रोबोट या वस्तुओं को नुकसान न पहुँचाना, इंसानों की बात मानना, झूठ न बोलना और ऊर्जा बचाना शामिल है।
समारोह के दौरान गाबी को 108 मनकों वाली माला (Rosary) और Lotus Lantern Festival का प्रतीक चिन्ह भी दिया गया। यह उत्सव दक्षिण कोरिया का एक बड़ा बौद्ध त्योहार है, जो बुद्ध पूर्णिमा से जुड़ा हुआ है।