प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस जाएंगे। यह सम्मेलन 15 से 17 जून तक फ्रांस के एवियन-ले-बैंस शहर में आयोजित होगा, जिसमें दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल होंगे।
सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार संबंध, ऊर्जा सहयोग और H-1B वीजा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने और भारतीय पेशेवरों के लिए H-1B वीजा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
यह मुलाकात ऐसे समय में होने जा रही है जब भारत और अमेरिका के संबंध कुछ मुद्दों को लेकर चर्चा में हैं। अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) और भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर दिए गए कुछ बयानों के कारण दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद भी देखने को मिले हैं।
जी-7 सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया की यात्रा पर भी जाएंगे। इस दौरे को भारत के वैश्विक संबंधों और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।